Sunday, March 22, 2009

३५ बरस बीत गए अब तक कुछ नही कर पाया। अब करूँगा । ब्लॉग बनाया है तो कुछ करना पड़ेगा । प्रदीप जी और सिद्धार्थ कलहंस का ब्लॉग देख कर जोश आया । प्रदीप जी का ब्लॉग है बोलेतोब्लोग्स्पोत.कॉम । सिद्धार्थ का ब्लॉग है -अनाप्शानाप्ब्लोग्स्पोत.कॉम। दोनों ही लोग अच्छा लिखते हैं। अपने बारे मैं क्या लिखू - हम किस हुनर मे यकता थे किस में यगाना, बे सबब हुआ ग़ालिब दुश्मन आसमान अपना। अभी बस इतना ही बाकी फिर कभी। जो लोग ब्लॉग देखें - वो मुगालते में ना रहें - इब्तिदा ऐ ईश्क है रूट है क्या , आगे आगे देखिये होता है क्या।
जय हो